shayari badmashi - An Overview

दुश्मनों की क्या औकात, जो हमें गिरा दें,

शेर पिंजरे में बंद हो तो जोकर कहलाता है,

शहर तू खरीद, उस पर राज करके हम दिखाएँगे!

दिखता नहीं हूँ कसम से पर मैं बदमाश बहुत हूँ।

दोस्त के नाम पे बदमाशी यारी में वफादारी

क्योंकि तेरी मुस्कान में भी शरारत छुपी हुई सी है।

हम वो हिसाब हैं जो हर किसी से बराबर नहीं होता..! ☠

हमारी नज़रें नहीं, हमारी आंधियाँ डोलती हैं ️,

जो हमें रोकने की कोशिश करेगा, पछताएगा।

ना ये किसी से डरती हैं, ना जवाब छुपाती हैं,

असल चेहरा दिखेगा, पर्दा फिर नहीं उठेगा

Each individual Lady has her website possess design and style and self esteem that makes her exceptional. Some women are bold, some are caring, but all Possess a Particular Angle.

क्योंकि अब मैं नए अंदाज में मिलने वाला हु…!

महफ़िल खुद की होती है, चर्चे हमारे करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *